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Ujale Ki Or By Minni Mishra

Fiction

Ujale ki Or

Original price was: ₹199.00.Current price is: ₹189.00.
मिन्नी मिश्रा की पहचान एक ऐसे स्‍वतंत्र लेखिका के रूप में है जिनकी कहानियों में स्‍त्री विमर्श का स्‍वर मुखर होकर निकलता है । इनकी कई सारी कहानियाँ विभिन्‍न मंचों पर प्रकाशित हो चुकी है । साथ ही साथ आकाशवानी पटना में भी इनकी कहानियों का पाठ हो चुका है । अहा जिंदगी, सुरभि, नूतन कहानियाँ, हिन्दुस्तान आदि कई पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कहानियाँ प्रकाशित हो चुकी है । प्रस्तुत किताब 83 लघुकथाओं का संग्रह है जिसमें स्त्री विमर्श का स्‍वर मुखरता से उभर रहा है । इन कहानियों में ज्यादातर कामकाजी महिलाओं का चित्रण हुआ है ।  
BHU Ke Sansthapak Kaun ?

History

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Based on historical documents, this book reveals the history of the establishment of BHU, the first denominational university in India. यह पुस्तक ऐतिहासिक दस्तावेजों के आलोक में बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी की स्थापना के इतिहास को सामने लाती है, साथ ही स्थापना से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की भूमिका पर पुनर्विचार करती है। इस किताब में बीएचयू की स्थापना से संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रतियाँ भी संलग्न हैं।
Mutton Dilruba, Shubham Upadhyay, Story Book, Hindi Story Books,

Non Fiction

Mutton Dilruba (Pre-Order)

Original price was: ₹249.00.Current price is: ₹239.00.
Shubham Upadhyay is a story writer of a completely different tone in the Hindi literary world. There are total 18 stories in his story collection 'Mutton Dilruba'. The entire collection introduces the readers to a new effect and experience. His stories are related to Indian Muslim life. In all the discussions on Hindi stories, it has often arisen that very little has been written on everyday Muslim life and characters in Hindi literature. This is true also. In such a situation, what Shubham Upadhyay has done is auspicious for the entire literary world. हिंदी साहित्य जगत में एक बिल्कुल भिन्न स्वर के कहानीकार हैं शुभम उपाध्याय। उनके इस कहानी संग्रह ‘मटन दिलरुबा’ में कुल 18 कहानियाँ हैं। पूरा संग्रह एक नयी तासीर और अनुभवबोध से पाठकों को परिचित कराता है। इनकी कहानियों का सम्बन्ध भारतीय मुस्लिम जीवन से है। हिंदी कहानियों पर होनेवाली तमाम चर्चाओं में यह बात अक्सर उठती रही है कि हिंदी साहित्य में रोजमर्रा के मुस्लिम जीवन और किरदारों पर बहुत कम लिखा गया है। यह सच भी है। ऐसे में शुभम उपाध्याय ने जो कर दिखाया है, वह पूरे साहित्य जगत के लिए शुभ है। Expected Time of Shipment - 17th of March' 22    
Mithila va Maithila Rajavamshacha Itihasa By Gangabai

History

Mithila va Maithila Rajavamshacha Itihasa By Gangabai

Original price was: ₹299.00.Current price is: ₹279.00.
1938 में 'मिथिला व मैथिल राजवंश चा इतिहास' नामक पुस्तक मूल रूप से मराठी में लिखी गई थी। बीसवीं शताब्दी में मिथिला के इतिहास पर लिखी गयी पहली तीन किताब में यह पुस्तक शामिल थी, जिसके कवर पृष्ठ पर इतिहास लिखा हुआ था। इसके पहले 1922 में श्याम नारायण सिंह की पुस्तक हिस्ट्री ऑफ तिरहुत और 1936 में महामहोपाध्याय मुकुंद झा बख्शी कृत मिथिला भाषामय इतिहास प्रकाशित हुई थी। यह महज संयोग है कि बीसवीं शताब्दी के पहले तीन शुरूआती दशकों में मिथिला के इतिहास पर लिखी गई पहली तीन किताब तीन अलग-अलग भाषाओं क्रमशः अंग्रेजी, मैथिली और मराठी में लिखी गई थी। यह किताब दरभंगा राज के तीन-तीन महारानियों के गुरू गंगा बाई ने मूल रूप से मराठी भाषा में लिखी थी जिसका मूल के साथ-साथ हिन्दी अनुवाद भी इस एक ही पुस्तक में है। दरभंगा राज का पेशवाओं के साथ अच्छा सम्बंध रहा है और यही कारण है कि दरभंगा के राज खजाने में पेशवाओं का नौलखा हार भी शामिल है। यह किताब निश्चित रूप से मिथिला के प्रति आपके नज़रिए में एक सकारात्मक सोच लाएगा
Chal Raha Manushy Hai

Fiction

Chal Raha Manushy Hai

Original price was: ₹199.00.Current price is: ₹189.00.
आज आम आदमी निराश है, हताश है। वह इस कदर परेशान है, मानों जीने के लिए वह कर चुका रहा हो। वह अपनी सारी लघुता के बावजूद अपनी बेहतरी के लिए संघर्षरत है। इस क्रम में वह टूटता है, बिखरता है और फिर स्वयं को समेटकर चल पड़ता है। दूसरी तरफ, यह भी निर्विवाद सत्य है कि मनुष्य वस्तुतः क्षणों में जीता है। एक क्षण का सत्य दूसरे क्षण के सत्य से भिन्न होता है। इसीलिए, इस संग्रह में उन छोटे- छोटे क्षणों को भी पकड़ने का प्रयास किया गया है। ये कविताएँ विगत एक दशक में अलग-अलग समयों एवं मनःस्थिति में लिखी गयी हैं। यूँ तो ये कविताएँ लेखक के आत्मपीड़ा से उपजी हैं, लेकिन इनमें आम आदमी का जीवन-संघर्ष ध्वनित हुआ है। इसीलिए इस संकलन का शीर्षक "चल रहा मनुष्य है" रखा गया है। उम्मीद है कि ये कविताएँ पाठकों के हृदय को स्पर्श कर पाने में सफल होंगी, क्योंकि इन कविताओं में उन्हें अपने ही संघर्षों की प्रतिध्वनि सुनाई पड़ेगी।
Kuch Baatein Kuch Yaadein Kuch Sawaal

Non Fiction

Kuch Baatein Kuch Yaadein Kuch Sawaal

Original price was: ₹399.00.Current price is: ₹379.00.
यह किताब किसी विशेष विधा में नहीं बंधती — यह न निबंध है, न उपन्यास, न आत्मकथा — बल्कि यह सब कुछ एक साथ है। इसे पढ़ते हुए पाठक कभी मुस्कुराता है, कभी सोच में पड़ जाता है, और कभी-कभी भावुक हो उठता है। रंजना मिश्रा की लेखनी जटिल विषयों को भी सहजता से प्रस्तुत करने की अद्भुत क्षमता रखती है। उनकी सादगी ही उनकी असाधारणता है। अगर आप जीवन की हलचलों, विचारों की परतों, और भावनाओं की लहरों में डूबना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए है।
Mujhmen Dilli Basta hai

Fiction

मुझमें दिल्ली बसता है

Original price was: ₹299.00.Current price is: ₹248.00.
मुझमें दिल्ली बसता है सनीश का जन्म  1986 में, जहानाबाद बिहार में हुआ था तथा वे अभी बिलासपुर (छतीसगढ़) में रहते हैं । उनकी कहानियाँ सोशल मीडिया व ऑनलाइन प्लेटफर्म्स पर पसंद की जाती रही है । सनीश ने हिन्दी साहित्य में पीएचडी की है । उन्हे यूजीसी जूनियर रिसर्च फ़ेलोशिप (जेआरएफ) तथा अनुवाद में गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग द्वारा सिल्वर मेडल प्राप्त है । उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद से कम्युनिकेशन व आईआईएम कोलकाता से बिजनेस लीडरशिप पर कोर्स किया है । वे कोल इंडिया में पब्लिक रिलेशंस ऑफ़ि‍सर की नौकरी कर रहे हैं और इससे पहले इंडियन एयर फोर्स में काम किया है । लिखने के अलावा उन्हे रंनिग पसंद है । वे देश के विभिन्न  हिस्सों में होने वाले मैराथन में भाग लेते रहते हैं । मुझमें दिल्ली बसता है । सनीश की कहानी संग्रह की नई किताब है । सनीश ने पुरे मनोयोग से कहानियों को लिखा है जिसका हरेक पात्र आपको अपने आप से जुड़ा लगेगा । कहानी में रस और प्रवाह है तथा यह पाठकों को निश्चित रूप से पसंद आयेगी ।  
Tejakar Jha Combo

History

Tejakar Jha Combo

Original price was: ₹2,800.00.Current price is: ₹2,000.00.
THE CRISIS OF SUCCESSION, MAYA, THE FIRST PARTITION OF INDIA, BANARAS HINDU VISHYVIDHYALAYA, CULTURAL CONTOURS OF MITHILA, DARBHANGA CHRONICLES ARE WRITTEN BY TEJAKAR JHA.
These six books are available together as a combo on special demand for the readers.
 
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